जैव ईंधन की अवधारणा | सामाजिक पारिस्थितिकी

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जैव ईंधन की अवधारणा | सामाजिक पारिस्थितिकी

  • पर्यावरणीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो जीवाश्म ईंधन का उपयोग करने की दर पिछले तीन से चार दशकों से बहुत तेजी से बढ़ी है।
  • इसी दर से उपयोग होता रहा तो हम पेट्रोल, डीजल जैसे ईंधन को जल्दी ही समाप्त कर लेंगे।
  • जीवाश्म ईंधन का एक विकल्प जैव ईंधन भी हो सकता है।
  • जैव ईंधन- यह ईंधन जैविक कच्चे पदार्थ द्वारा उत्पादित तथा मिलकर बना होता है।
  • जैसे: लकड़ी, इथेनॉल आदि।
  • यह परिवर्तनशील, ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन होते हैं, जिन्हें पेड़ पौधे से, पशु अपशिष्ट से प्राप्त किया जाता है|
  • तथा ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।
  • जैसे लकड़ी को सीधे कच्चे माल के रूप में प्रयोग करके ऊष्मा प्राप्त की जा सकती है|
  • यह ऊष्मा पावर प्लांट के जनरेटर को चलाकर विद्युत उत्पादन कर सकती है।
  • गन्ने, मक्का तथा अन्य सैलूलोज वाले पौधों से प्राप्त शुगर तथा स्टार्च को एथेनॉल और मैं बदला जा सकता है, जिसे इंटरनल कंबुएशन एंगिंस मैं सीधे ईंधन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं अथवा गैस लाइन के साथ मिलाकर गैसोहल बनाते हैं।
  • सोयाबीन अथवा palm tree से प्राप्त तेल को रासायनिक प्रक्रिया के बाद पेट्रोलियम डीजल में मिलाकर बायोडीजल बनाया जा सकता है।
  • (जीवाश्म ईंधन) जैव ईंधन का प्रथम ज्ञात उपयोग 1970 में किया गया था।
  • जैव ईंधन बायोमास से प्राप्त होने वाला ईंधन है, जो तरल तथा गैसीय रूप में उत्पादित किया जा सकता है।
  • वर्तमान में जैव ईंधन एक ध्यान देने योग्य विषय बनता जा रहा है क्योंकि पारंपरिक ईंधन के दाम दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं
  • जो कि अधिक प्रदूषण करते हैं, तथा सीमित संसाधनों के कारण ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने हेतु अन्य विकल्पों की भी आवश्यकता होगी।

जैव ईंधन की श्रेणियां (Division of Bio-fuels)

1. First जनरेशन बायोफ्यूल- जैव ईंधन जो वर्तमान समय में बायोडीजल के रूप में प्रयोग हो रहा है तथा खाद्य फसलों से बनाए जाते हैं। जैसे: सुगर, स्टार्च, तथा वनस्पति तेल।

2. Second जनरेशन बायोफ्यूल- दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधन संपोषित फसलों द्वारा उत्पादित होते हैं , किसी फसल का संपोषित होना इस तथ्य पर निर्भर करता है कि वह किस मात्रा में उपलब्ध है तथा ग्रीन हाउस गैसों तथा भूमि प्रयोग दर उसका प्रभाव क्या होगा । जैसे: सेल्यूलोस, एथनॉल, algae fuel, bio hydrogen, bio hydrogen diesel, wood diesel आदि।

3. Third जनरेशन बायोफ्यूल- अनुवांशिक रूप से परिवर्तित फसलों द्वारा प्राप्त किया जाता है, जिसका carbon neutral output होता है, अदार्थ इस बायोफ्यूल द्वारा कार्बन उत्सर्जन काफी मात्रा में होता है। जैसे: algae fuel आदि।

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